Monday, April 2, 2018

Self Love

Date 26/03/2018

1. It's only you who can complete yourself, nobody else can.They can only join some of the dots.

2. There is nothing wrong with being shallow, but that completely And outrightly reject one's existence.

3.Do fall in love, but always keep in mind you will never get that same love back.

4. Always expect from you and only yourself. Nobody can match your expectations.

5.Always respect yourself, because it's only you who can hold yourself when everyone has let you down.

6. When mind and heart say no, listen.

7. Acceptance is the key for solace and peace.

8. Do cry whenever you feel so, it will clear the grief which you have hold for so long.

9. Me time is a kind of meditation.

10. Sometimes roaming without purpose, gives purpose for whole life.

एक इंतज़ार था जो अब मायूस था

Date 25/03/2018

एक इंतज़ार था जो अब मायूस था , एक दिल था जो बिखरा था टुटा था , एक वजूद था जो अपना अस्तित्व खो चूका था, तेरा वजूद बनाते बनाते ।
एक दिल था जो तुझसे उस मोहबत की भीक मांग रहा था , जो मोहबत तू उसे कभी दे ही नहीं सकती । तेरे इश्क़ में एक खयाली दुनिया को हक़ीक़त मान लिया था ।
पर अब लगता है जैसे किसी गहरी नींद से जागा हूँ । खुद के सवालों के जवाब भी ठीक से दे नहीं पा रहा हूँ ।
मोहबत की थी, पर ज़िल्लत नसीब हुई । तुझे हँसाते हँसाते मैं खून के आँशु रो लिया ।
पर अब जो उठा हूँ तो खुद को मजबूति से खड़ा करने के लिए । ये नहीं की अब तुझसे मोहबत नही , पर अब खुद से ज्यादा रहेगी ।
जो मेरा वजूद बिखरा हुआ है , जो मेरा अस्तित्व झंझोड़ा हुआ है , उस को फिर से समेटूंगा । अब तक लड़ता रहा तेरे लिए, अब खुद के लिए एक लड़ाई लड़ूंगा ।
फिर एक बार खुद को साबित करूँगा । बहुत बार हुआ है ये किस्सा , अब अपना एक किस्सा लिखूंगा ।
तू एक ऐसी मंज़िल थी , जो मेरे मुक़द्दर में नहीं थी । मैं कभी तुझे गलत कहूँगा नहीं, कभी गलत समझूँगा नहीं ।
तेरी मोहबत ने एक नयी सोच ,नया नजरिया दिया ज़िन्दगी को,खुद को फिर से जान लेने का, एक नया मोड़ देने का ।
ये सब तुझसे कभी कहूँगा नहीं ,पर खुद से कह दिया है । अब बेहतर है मेरा रास्ता भी मेरी मंज़िल् की तरह तुमसे अलग हो जाये ।
तुम्हारा रास्ता तुम्हारी मंज़िल तो पहले से ही तय थी , मैं ही रास्ता भटक गया था ।
अपना हाल ऐ दिल जाहीर करने और लिखने से पहले भी जानता था की ये सब बेमानी है ,पर खुश था की एक दबी हुई, छुपी हुई मोहबत को जुबान मिल रही है ।
दिल जो लगता था की पत्थर हो गया है,मिट्टी हट गयी ,अब सीने में धड़कता भी है ।
तेरे इश्क़ से एक नयी हिम्मत मिली की अब बिखारूँगा नहीं, टूटउंगा भी नहीं ।
वही पुराने जोश और जज़्बे से फिर ज़िन्दगी को सलाम कर के, अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ता रहूँगा ।

Monday, March 19, 2018

There is a deep void in my life because of your absence

There is a deep void in my life because of your absence,
I constantly think of You,
My mind never let go of your thoughts,
There is an extreme care and longingness for You
Thinking of you make me teary-eyed.
Don't know why I have the constant urge to talk to You or see you.
Even if sleep breaks, the subconscious mind is alive to have thoughts, flashes of You
Why it feels that I should keep you with me,
Why I feel that someday I will cry my heart out on your shoulder.
Why there is feeling to never let you go away from me,
I have so many emotions just for you.
Can you please do me a favor, be at my place of longingness and try to answer some of my questions.
I gaze at you, I know the color of your hair buckle, earrings, I see your palm, your finger rings.
What You have draws me towards you,
Day by day the intensity of my love grows exponentially towards you.
But with increasing love, my suffering has also increased.
It hurts me to see you sad and dull. I can do anything to make you smile.
Your absence makes me angry, creates a ripple in my life.
There is a big void, the vacuum which can only be filled by You.
Sometimes words are also not enough to tell actually what's inside my heart.
The passion for you, the love towards you hold me tightly else I could have scattered all around until now.
Come and hold my hand for the last time to say that you are mine and will be forever,
So that I can sleep peacefully in your lap.

Wednesday, March 14, 2018

कुछ पल साथ साथ जी ले अपने मिट्टी के घर में ।

बहुत हुआ तेरी जिम्मेदारियों का बहाना ,
बहुत हुआ मेरे किस्से कहानियों का ज़माना
आ अब कहीं दूर पहाड़ियों में एक आशियाना बनाये
तेरा मेरा ।
मिट्टी का एक छोटा सा घर हो दूर फैले मैदान में ,
मिट्टी का चुल्हा हो , मिट्टी का ही चबूतरा ।
मेरी छाती बने हर रात तेरा बिछौना , जहां तू सर रखते ही तू ऐसी चैन की नींद सोये जैसे कोई सपना सलोना ।
मिट्टी की दीवारों पे नाम हो सिर्फ तेरा मेरा ।
जो छुट गया था हम दोनों के बीच , साथ रह कर कुछ उन पलों की भरपाई कर ले , तू मेरे साथ रह ले , मैं तेरे साथ रह लू ।
मेरी नज़रें बस तुझे देखे ,तेरी नज़रें मुझे ।
जहां सिर्फ तेरी मेरी आवाज़ें हो या ख़ामोशी हो तेरी मेरी । हम दोनों की अधूरी बातें पूरी हो, मोहबत मुक़म्मल हो । कर्त्तव्य तो हम दोनों ने अपने पुरे किये, अब इश्क़ करे की हमारे जनम सार्थक हो ।
तू मुझसे वो कह दे जो तूने कभी कहा नहीं , तू मुझसे वो सुन ले जो मैं हर दम तुझसे कहना चाहता हूँ।
हम दोनों के पास वक़्त ही वक़्त हो एक दूसरे को कहने सुनने के लिए ।
एक दूसरे से दूर दूर तो बहुत मर लिए अपने अपने महलों में, कुछ पल साथ साथ जी ले अपने मिट्टी के घर में ।

तुझे खुद नहीं पता , तुझे में कितनी बात है

एक तेरी तस्वीर है जिस को रोज़ सीने से लगा के सोता हूँ, दुनिया में कितनी लड़कियां है , पर जाने क्यों मैं तेरा होगा गया हूँ ।
जो जज़्बात तेरे लिए है वो किसी और के लिए आज तक नहीं आये ।
क्यों लगता है तुझे बेइंतिहा इश्क़ करू ।
रात को जभी भी नींद खुलती है तेरे बारें में सोचने लगता हूँ , कभी कभी तो ऐसा लगता है बस आ जाऊ तेरे पास ।
हर मेरे सपने में तू आती है और अपने सीने से लगा लेती है , जानती है ऐसा क्यों, मेरे मन में कहीं ना कहीं बहुत अंदर तक ये बात बैठ चुकी है सिर्फ और सिर्फ तू ही मेरा सपोर्ट सिस्टम है ।
ऐसा इतना स्ट्रांग हूँ लेकिन जहां तेरा नाम आता है मोम की तरह पिघलने लगता हूँ , रोने लगता हूँ ।
तेरे सिवा कोई और अब मेरी ज़िन्दगी में आ नहीं सकता , तेरे बिना टूटने लगता हूँ ।
क्यों लगता है की तेरा हाथ सिर्फ मेरे हाथो में रहे ।
तुझसे कोई और बात करे तो बहुत जलन होती है , लगता है साले को जा के खूब मारू ।
तेरे बिना बहुत अकेला अकेला लगता है यार ।
तेरा चेहरा तेरी आँखे तेरे हाथों की उँगलियों की तस्वीर बन गयी है मेरी बंद आँखों में ।
तू ही बोल कोई इतना लिख सकता है क्या किसी के लिए ।
तू सिर्फ और सिर्फ मेरी है ,तेरी हर तक़लीफ़ मुझे ज्यादा तक़लीफ़ देती है ।
इतना लिखता हूँ की पढ़ के तू खुश हो जाये , तेरे होंठो पे तेरी हंसी आ जाये ।
तेरे लिए कितने जतन करता हूँ सिर्फ मैं जानता हूँ , मेरे शब्द भी वो ठीक से जाहीर नहीं कर सकते ।
पता नहीं कभी लगता है तुझे कस के अपने सीने से लगा लू की कोई तुझे कभी हर्ट ना कर सके ।
तेरे बिना तिल तिल कर के जीता हूँ , तिल तिल मरता हूँ ।तू नहीं होती तो कहीं भी किसी भी काम में मन नहीं लगता । तू हर बार मेरे इश्क़ पे शक करती है , तू ही बता कैसे यकीन दिलाऊ तुझे की मेरे इश्क़ मेरी मोहबत सिर्फ और सिर्फ तू है । कभी आ के देख तेरे बिना कैसा और कितना तन्हा हूँ मैं ।
मेरा जूनून है तू , मेरा साया है तू ।
चेन्नई से वापस आया तब तेरे लिए मेरी भावनाएं इतनी प्रबल थी की क्या कहू, मैं तुझे अपने सीने से लगा लेना चाहता था , तेरा माथा चूम लेना चाहता था ।
तू ही कह दे ऐसा होता है क्या सब के लिए , या कोई एक ही होता है जिस के लिए ये भावनाएं प्रबल होती है ।
खुद से ज्यादा तेरी फ़िक्र रहती है मुझे , पल पल तेरे लिए सोचता हूँ ।
इतना कैसे और कब लगाव होगा गया यार ।
तेरे बिना ऐसा लगता है जैसे किसी अनजान जगह पे अनजान लोगो के बीच हूँ मैं।
तेरे बिना कुछ अच्छा नहीं लगता , कहीं मन नहीं लगता । तू साथ होती है तो चाय का भी एक अलग शुरुर आता है । कितना भी देख लू तुझे , लगता है बस देखता ही रहू । तुझे खुद नहीं पता , तुझे में कितनी बात है ।

Friday, February 23, 2018

ये जो अधूरा हूँ तेरे बिना , आ एक बार पूरा कर दे !!!

एक तू ही है जिसको चाहा है सारी ज़िन्दगी, एक तू ही है जिसको माँगा है हर इबादत में, कमी है तो तेरी , ज़िन्दगी अधूरी है मेरी ।
जाने ऐसा क्या गुनाह किया ,जिस की सजा मुकर्रर हुई ,तुझसे दुरी । हर पल सोचता हूँ तुझे , हर खवाब में आती है तू , अपने सीने से लगाती है तू ।
कभी बस इतना कर दे इम्तिहान तो बहुत ले लिए तूने मेरे, अब मेरे इश्क़ का नतीजा दे दे , एक तेरा साथ दे दे ।
तेरे लिए तरस तरस के ज़िन्दगी से बैर कर लिया । ज़िन्दगी मेरी हुई , मैं कभी ज़िन्दगी का ना हुआ ।
मेरी हर ख़ुशी , हर मकाम तुझ से है , तू नहीं तो सब बेमानी है। आज चल तू ही कह दे क्या करू ऐसा की तेरा साथ मिले, मेरे हाथो में तेरा हाथ मिले ।
तेरे बिना मेरी रूह काँपती है , फिर भी चलते चलते इतनी दूर आ गया हूँ । कुछ पल अब ठहर जाने दे , तेरे आँगन , तेरे आँचल का सहारा दे दे ।
मैं जानता हूँ तुझे भी मोहबत है , बस तू आँखों में आँशु ला लेती है ,कहती कुछ नहीं । जानती है तू जल रहा हूँ तेरे लिए , तेरे बिना ,पर तू अपनी मज़बूरी बता कर जलते देखती है मुझे ।
मैं जो महसूस करता हूँ ,वो तू भी कर । एक बार वो कह दे , एक बार वो कर दे की सारी कसर निकल जाये । एक पल के लिए तू पूरी मेरी हो जा, एक बार लड़ ले सब से मेरे लिए |
तक़दीर से मांग लू तुझे मैं, तू एक दुआ कर मेरे पास होने के लिए । ये जो अधूरा हूँ तेरे बिना , आ एक बार पूरा कर दे ।

Tuesday, November 14, 2017

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Date 31/3/2017

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हम भारतीय लोगो की एक अलग सोच होती है ,खास कर बच्चों को लेकर । हम बच्चों को ऐसे कंडीशन करते है जैसे उनके बड़े हो जाने के बाद उन्हें म्यूजियम में रखने वाले हो , और लोगो को दिखाने वाले हो की देखो आइडियल बच्चे ऐसे होते है , और बड़े होकर वो ऐसे दिखते है , इतने सफल होते है । हमारे हर फैसले हमारे माँ बाप तय करते है , किस से दोस्ती करना है किस से नहीं । कैसे रहना है , क्या पहनना है , ऐसा कर लिया तो लोग क्या कहेंगे , वैसा कर लिया तो लोग क्या कहेंगे । और धीरे धीरे बच्चा अपनी इमेज बनाने में लग जाता है , और उससे पता चले बिना ही वो इस इमेज की गिरफ़्त में बंध जाता है । और एक बार इमेज के जाल में फसे तो बहार निकल पाना मुमकिन नहीं हो पता । बच्चा इमेज मेन्टेन करने के चक्कर में खुद को धोका देते रहता है । सारी ज़िन्दगी पर्सनालिटी और आइडेंटिटी मैच नहीं कर पाती । ज़िन्दगी मौका देती है कभी ब्रेक फ्री होने का लेकिन फिर इमेज का जाल आ जाता है । कोशिश करिये की अपने बच्चे को किसी भी इमेज में ना बंधे । उन्हें गिरने दे , खुद से संभल ने दे । खुद से दोस्त बनाने दे , नए नए अनुभव लेने दे । बच्चे में रिस्क टेकिंग कैपेबिलिटी आने दे, उनके सही गलत का फैसला उन्हें ही करने दे ।
माना की ये सब करने देने से वो एक आइडियल बच्चा ना बन पाये , हाँ पर ये बात जरूर है की वो एक ऐसा इंसान बन पाएगा जो खुद के फैसले ले सके , उसके विचारो में क्लैरिटी रहेगी , उससे पता होगा उसे ज़िन्दगी में करना क्या है । वो किसी भी सिचुएशन में दुनिया से लड़ सकेगा , खुद में घुटता नहीं रहेगा । एक साँचे में ढली ज़िन्दगी से ऊपर उठ कर एक बेहतरीन इंसान बन पाएगा । @राज