Wednesday, November 19, 2014

तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा ये मान सकता हूँ

ना तुम्हारे पास रह सकता हूँ ना तुम्हारे साथ रह सकता हूँ
ना तुमसे दूर रह सकता हूँ ना तुम्हारे बिना रह सकता हूँ
बस सुकून है तो इतना की तुमसे दूर रह के भी तुम्हारे बिना रह के भी
तुमसे हमेशा मोह्बत कर सकता हूँ अपने दिल की हर बात तुमसे कह सकता हूँ
अपने मन की हर उलझन को तुमसे सुलझा सकता हूँ
तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा ये मान सकता हूँ


Monday, November 17, 2014

आप इश्क़ है मेरा

आप इश्क़ है मेरा, वो इश्क़ जिस पर हमे नाज़ है गुरुर है अभिमान है फक्र है
बस ना मेरे लिए कोई शर्ते है नहीं आप के लिए कोई शर्ते है
हम दोनों इस इश्क़ में भी आज़ाद है अपनी अपनी ज़िन्दगी जीने के लिए