Monday, October 31, 2011

कुछ पुरानी किताब

कुछ पुरानी किताब कॉपियाँ हैं जहाँ
उन्होंने अपने हाथों से कुछ लिखा था,
आज भी स्याही कुछ गीली है,
जब भी याद कर के उन पर अपनी उंगली घुमाता हूँ,
हाथों में लग जाती है,
देर तक उस स्याही का रंग हाथों से छूटता नहीं है,
बरसों पहले किसी ज़माने में प्यार हुआ था उनसे,
अब तो इबादत लगती है मोहब्बत।

नदी के किनारे

नदी के किनारे अपनी स्वेटर भूल के आ गया था,
वो लेकर आई थी तह कर के,
आज भी उसके मेहंदी लगे हाथों की महक
को महफूज़ रखा है
हमने अपनी आलमारी में,
उनकी उंगलियाँ जहाँ-जहाँ लगी थीं,
उस जगह का ऊन आज भी कुछ मुलायम है अब तक,
कुछ अलग ही सुकून देता है जब भी पहनता हूँ।

Monday, August 22, 2011

युवा क्रांति

दुनिया कहती थी भारतीय जनता सोती रहेगी,
कभी आवाज बुलंद नहीं करेगी,
कह दो दुनिया वालों से आज भारत जाग उठा है,
फिर न कभी सोने के लिए,
युवाओं ने अपनी शक्ति का आकलन कर लिया है,
कह दो उन उम्रदराज नेताओं से जाकर सन्यास ले लें,
अब भारतवर्ष को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का बीड़ा युवाओं ने उठाया है,
फिर न बुझेंगे ये क्रांति की मशाल,
जो अब जल उठी है,
फिर न बताएंगे मजहब के रंग में,
अब सब तिरंगे रंग में रंगे हुए हैं,
अब विचारवान भारत हमारा है,
यही युवा क्रांति का नारा है।

Thursday, August 18, 2011

बातें

वो बातें जो कभी तुम्हारी थीं,
आज हमने कर ली तो गुनाह हो गया,
फर्क बातों का तो ना था,
फर्क बस तुम में और मुझ में था,
तुम उस वक्त ख़ता कर के सच्चाई की मूरत बन गई,
और हम बिना किसी जुर्म के गुनाहगार साबित हो गए।

तेरी तस्वीर

बरसों बाद आज तेरी तस्वीर सीने से लगा कर ज़िंदा होने का एहसास हुआ।
खुशी के मारे हम अपने ही दिल से सवाल कर बैठा,
धड़कनों ने कहा उसकी एक झलक ने हमें फिर से धड़कना सिखा दिया,
आज मेरी धड़कनों ने मुझे मेरे मरने और ज़िंदा होने का फर्क बता दिया।

Sunday, August 14, 2011

भटकते-भटकते

भटकते-भटकते उनके दर पर आ गए थे,
सीधे रास्तों पर चलते हुए जिनसे मिलना मुमकिन न था।

आज की शाम तन्हा सही,

आज की शाम तन्हा सही,
मेरी महफ़िल में कोई साकी न सही,
तू और मैंने एक-दूसरे से अनजान सही,
पर तेरे मेहंदी लगे हाथों में,
छोटा सा ही सही,
छुपा हुआ ही सही,
मेरे नाम का पहला अक्षर तो है।
तू मेरी ज़िंदगी में न सही,
तेरी यादों में मेरा बसेरा तो है,
मेरी चौखट पर कोई रोशनी नहीं न सही,
मेरे लिए तेरे घर में एक जलता दिया तो है,
मेरी ज़िंदगी इस नाकाम मोहब्बत में बर्बाद तो क्या,
मेरी दुआओं से तू आबाद तो है।