Tuesday, April 17, 2012
दर्द-ए-मोहब्बत
मोहब्बत में हारे हुए लोग कहते हैं,
मोहब्बत बहुत ज़ालिम है, बहुत दर्द देती है,
हमने कहा उस दर्द-ए-मोहब्बत को सही दिशा दे दो,
वह एक नालायक इंसान को लायक बना देती है...
Monday, April 16, 2012
रात तेरा नाम लेकर सोती है
जानता नहीं कि मोहब्बत इबादत क्या है,
बस इतना कह सकता हूँ, दिन तेरे नाम से शुरू होता है
और रात तेरा नाम लेकर सोती है।
Wednesday, April 11, 2012
Thought
Whenever I am struck with truckloads of thoughts I think of U
शुक्रिया
जितनी बार आपने मुझसे शुक्रिया कहा है,
काश कि उतनी ही बार आप कह देतीं कि आपको मुझसे प्यार है,
कितने भोले हैं आप, अपनी अमानतों के लिए भी मुझे शुक्रिया अदा किया,
पर इस दिल की वो धड़कन न सुन सके
जो सिर्फ आपके लिए न जाने कब से धड़क रही है...
दास्तान-ए-मोहब्बत
मैंने भी क्या कहता, उसकी तो हर तस्वीर से दास्तान-ए-मोहब्बत शुरू होती है।
Thursday, April 5, 2012
तेरा ख्याल
कैसे रख पाऊँ अपना ख़्याल,
जब उनका ही ख़्याल दिल से जाता नहीं।
Monday, April 2, 2012
प्रतिबिंब
एक ऐसी जगह जाना चाहता हूँ,
जहाँ न कोई मुझे पहचानता हो,
एक ऐसी जगह जहाँ न कोई आवाज़ हो,
न कोई मुझे मेरे नाम से पुकारता हो,
दूर-दूर तक जहाँ कोई नज़र न आता हो,
सिर्फ मैं ही मैं रहूँ,
और कोई न हो,
पर ऐसा हो मेरे इस मैं में
तुम हमेशा शामिल रहो,
जहाँ तक नज़र जाए,
मुझे मैं, तुम और तुम में मैं नज़र आऊँ,
मैं आवाज़ दूँ और तुम सुनाई दो,
जहाँ मैंने कुछ न कहा और तुम समझ जाओ,
एक ऐसी जगह जहाँ आइने बहुत हों
पर प्रतिबिंब कभी तुम्हारा हो कभी मेरा।