Wednesday, April 11, 2012
Thought
Whenever I am struck with truckloads of thoughts I think of U
शुक्रिया
जितनी बार आपने मुझसे शुक्रिया कहा है,
काश कि उतनी ही बार आप कह देतीं कि आपको मुझसे प्यार है,
कितने भोले हैं आप, अपनी अमानतों के लिए भी मुझे शुक्रिया अदा किया,
पर इस दिल की वो धड़कन न सुन सके
जो सिर्फ आपके लिए न जाने कब से धड़क रही है...
दास्तान-ए-मोहब्बत
मैंने भी क्या कहता, उसकी तो हर तस्वीर से दास्तान-ए-मोहब्बत शुरू होती है।
Thursday, April 5, 2012
तेरा ख्याल
कैसे रख पाऊँ अपना ख़्याल,
जब उनका ही ख़्याल दिल से जाता नहीं।
Monday, April 2, 2012
प्रतिबिंब
एक ऐसी जगह जाना चाहता हूँ,
जहाँ न कोई मुझे पहचानता हो,
एक ऐसी जगह जहाँ न कोई आवाज़ हो,
न कोई मुझे मेरे नाम से पुकारता हो,
दूर-दूर तक जहाँ कोई नज़र न आता हो,
सिर्फ मैं ही मैं रहूँ,
और कोई न हो,
पर ऐसा हो मेरे इस मैं में
तुम हमेशा शामिल रहो,
जहाँ तक नज़र जाए,
मुझे मैं, तुम और तुम में मैं नज़र आऊँ,
मैं आवाज़ दूँ और तुम सुनाई दो,
जहाँ मैंने कुछ न कहा और तुम समझ जाओ,
एक ऐसी जगह जहाँ आइने बहुत हों
पर प्रतिबिंब कभी तुम्हारा हो कभी मेरा।
Wednesday, March 28, 2012
बेख़याली
अब कुछ बेख़याली सी रहती है,
कुछ बेफिक्री का आलम रहता है,
तुझे खोने और पाने से कहीं बहुत दूर,
तुझसे मोहब्बत होने का एहसास दिल में हर वक्त रहता है,
तुझे हासिल करने की नियत तो कभी न थी,
मेरे दिल में हर वक्त एक तेरी ही तस्वीर है,
ये बात तुझे बता सकूँ इस बात की तसल्ली रहती है,
यही तसल्ली मेरे होंठों पे हमेशा मुस्कान रखती है,
सब कहते हैं बड़े आराम से हूँ,
कैसे कहूँ ये तेरी सुलगती हुई मोहब्बत है सीने में मेरे,
जो तेज़ हवाओं में भी मुझे जलाए रखती है...
Friday, March 2, 2012
हर इज़हार-ए-मोहब्बत
मेरे हर इज़हार-ए-मोहब्बत पे उन्होंने
मुझसे शर्माते हुए ये सवाल किया,
कि अब मैं क्या बोलूं,
मैंने कहा ये मोहब्बत तो आपकी अमानत है,
बरसों पहले आपने मेरे पास रख छोड़ दी थी,
इस बात पे वो मुझे पागल कहते हैं,
मैं भी शुक्रिया अदा करता हूँ उनका,
इस बेनाम को उन्होंने एक नाम तो दिया...