Friday, May 31, 2013

शादी

आप दोनों के बीच राम सीता जैसे एक दुसरे के लिए आदर सम्मान रहे
मीठी सी नोक ज्होक हमेशा होती रहे
एक दुसरे से रूठते रहो फिर एक दुसरे को बड़े प्यार से मानते रहो
एक दुसरे के बिना हमेशा बेचैन रहो एक दुसरे की ख़ुशी के लिए हमेशा त्याग करते रहो
भोजन की थाली में पहेला निवाला हमेशा एक दुसरे के नाम का रहे
चाहे कितनी भी लड़ाई हो जाये फिर भी बिना बात किये एक दुसरे से एक पल भी ना रहो
जब कभी एक दुसरे से दूर रहो एक दुसरे का इंतज़ार आँखों में रहे
द्वापर युग में राधा कृष्ण ने निश्छल परेम करना सिखाया था
आप दोनों कलयुग में उससी प्रेम के पाठ को साकार करते रहे

I will Win

I will win no matter how much the situation challenge me
I will Win no matter how much the weather is freezing me
I will win outshine the troubles which will come across my way
I will win despite of all odds
I will win win no matter how much my body pains
I promise to myself I will Win and pass out again with flying colors.

Moon

How long the Moon will wander for the ecstasy,
how silly he is don't even know it's a self enduring process
which he has to learn first.
He may go wandering for billion's of years
still will not find what he is searching for
he has to look within to get the realm.

Monday, May 13, 2013

मेरी दुनिया

कितना नादान था जो तुम्हे हाथो की लकीरों में ढूँढता रहा
तुम्हे पाने के लिए गृह नक्षत्रो से लड़ता रहा
बचपना ही तो था जो मोह्बत की गहराई को समझ न सका था तब
पर उसी मोहबत ने वक़्त के बीतने के साथ साथ अपने अनजाने मायनो से मुझे अवगत करवा दिया
इस वास्तविक दुनिया से परे मुझे मेरी एक अलग दुनिया का एहसास करा दिया
जन्हा ना मैं तुम्हे किसी से मांग सकता हूँ और ना कोई तुम्हे मुझे दे सकता है
एक ऐसी दुनिया जन्हा तुम हमेशा से मेरी हो और मेरी ही रहोगी
अब वक़्त का वो दौर है जब ये गृह नक्षत्र रोज़ अपनी गति और स्थान बदलते है तुम्हे मेरी दुनिया से जुदा करने के
अब क्या कहु इन नादानों की नादानी पे
कैसे बताऊ की मेरी दुनिया का इनके ब्रम्हांड से कोई सरोकार नहीं

मुकदर

एक अजीब वाक्या रोज़ मेरे साथ होता है
मेरा मुकदर मुझ से लड़ने आता है
मैं हमेशा जीत जाता हूँ
वो हमेशा हार जाता है
मैं जब उस से पूछता हूँ तू क्यूँ चला आता है रोज़ हार ने को
वो कहता है तुझ से हारने का मज़ा ही कुछ और आता है

Tuesday, April 30, 2013

सवाल जवाब

सब सवाल करते है , तुम उस से दूर हो वो तुमसे दूर है
तुम उस से बरसो से मिले नहीं वो तुमसे बरसो से मिली नहीं
सालो से तुम ने उस से देखा नहीं सालो से उस ने तुम्हे देखा नहीं
ये कैसी मोह्बत है
मैंने कहा आप सब के सवाल में ही जवाब है
यही तो मोह्बत है


Friday, April 26, 2013

जो आप से हमने कभी कहा नहीं

आप से कभी कहा नहीं लेकिन आप को पहेली बार देखते ही आप से प्यार हो गया था | जाने कितनी बार आप से सिर्फ बात करने के लिए कोई न कोई बहाना ले के आप के पास आया करता था | आप से वो कॉलेज में नोट्स माँगा ना बस तुमसे बात करने का इक जरिया हुआ करता था | आप को देख कर कॉलेज के दिनों में ही ग़ज़लों से दीवानगी हो गयी | आप के खयालो में जाने कितनी दफे जगजीत सिंह और गुलाम अली सुनते रहे | आप को सोचते हुए उन ग़ज़लों की रोमानियत कुछ और ही बाद जाया करती थी | हम खुद कभी समय पे कॉलेज जाने के लिए नहीं उठ लेकिन पता होता था की आप कॉलेज टाइम पे जाती है , तो बस आप की एक झलक पाने के लिए हम चले जाते थे शेख भाई की चाय की दूकान पे , आपकी एक झलक के लिए शेख भाई की जाने कितनी कशिश वाली चाय पि लेते थे हम | जब कभी हमारे दोस्त आप के घर जाते थे और वापस आके आप क बारें में बताते थे हम बहुत खुश हो जाया करते थे लेकिन अन्दर ही अन्दर थोड़ी जलन भी होती थी | और वो कमीने दोस्त हमारे जानते थे इसलिए और जलाते थे हम को | मोह्बत तो बहुत की आप से और आज भी उतने ही मोह्बत है बस आप को कभी हासिल करने की कोशिश नहीं की | इसलिए कभी आप से कुछ कहने की जरुरत ही महसूस नहीं हुई | क्यूँ की दिल के अन्दर हम आप को अपना मान चुके थे | हमारे लिए तो इतना ही काफी था की आप से एक बार बात हो जाये , और जब भी ऐसा हो जाता उस दिन हमारी दिवाली ईद सब हो जाती | फिर समय की बीतने के साथ आप से हमारी दोस्ती हो गयी और आप हमारी मोह्बत और बेस्ट फ्रेंड दोनों हो गयी | फिर तो आप की ख़ुशी और मुस्कराहट हमारे लिए दुनिया की सबसे अहम् चीज़े हो गयी | ऐसे ही समय का चक्र आपनी गति से चलता रहा और एक दुसरे से मिलो दूर हो गए | फिर तो रोज़ आप को ईमेल करना जैसे हमारा रूटीन हो गया , कभी ईमेल नहीं कर पाए तो लगता था जैसे कुछ छुट गया है , अधुरा अधुरा सा लगता था |
आप से रोज़ पूछ तो लेते थे की कैसी है आप क्या खाया आप ने लेकिन मन ही मन जानते थे , हमे तस्सली नहीं हो पाती थी | भगवन से यही मांगते थे की भगवन जी कुछ ऐसी शक्ति दे दे की हम आप को सिर्फ एक बार देख ले आपनी आँखों से जी भर के , तो कुछ हम को भी चैन आ जाये | खैर अब तो आदत ही डालनी पड़ी की आप अगर कह रही है तो अच्छी ही होंगी आप , फिर भी रोज़ जब तक आप से कह ना दे की आप अपना ख्याल रखना लगता नहीं की हमारा काम पूरा हो गया है |
एक बात सच सच कहे आप से आज भी आप के ईमेल पड़ के दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है , जब कभी आप मिस यू या लव यू लिख देती है लगता है जैसे सारी दुनिया हमे मिल गयी हो | आप भी सोचो गी कैसा पागल है , लेकिन हम ही नहीं पता कब आप से इतनी गहरी मोह्बत हो गयी , आप दूर हो इतनी फिर भी लगता है जैसे हमेशा हमारे पास है आप | रोज़ शुभ जब चाय बनाते है तो एक कप आप के लिए भी बरस्बर बन ही जाती है | हमारे खाने की थाली में जो पहला निवाला होता है वो आप के नाम का होता है | जब कभी कोई सायरी लिखते है सारे ज़िक्र आप के होते है | जब भी कभी कोई फिल्म देखते है तसवुर में आप होती है |
किसी भी ग़ज़ल की लाइन लगता है जैसे आप के लिए ही लिखी गयी हो | जब कभी अपना व्रत तोड़ने जाते है , वोही| व्रत याद आ जाता है जब आप ने अपने हाथो से हमे खाना खिला के हमारा व्रत तोडा था | आप के हाथो की वो लाल अगुन्ट्ठी आज भी खाने के हर निवाले के साथ दिखती है , लगता है जैसे आप अपने हाथो से हमे खाना खिला रही हो जैसे |जब भी आप की कोई तस्वीर देख लेते है लगता है जैसे आप सकछात हमारे सामने आ गयी हो , हर बार आप की तस्वीर देख के आप से हमे फिर मोह्बत हो जाती है | आप की वो काले रंग की साडी , हाय क्या कहे आप किसी परी से कम नहीं लगती | आज भी जब कभी आप का कॉल आ जाता है , आप की वो खनखनाती आवाज़ जाने कितने दिनों तक मेरे कानो पर पड़ती रहती है , आप के साथ होने का एहसास हमेशा मेरे पास होता है साथ होता | रात को ऑफिस से घर जाते समय लगता है जैसे आप मेरे साथ साथ तारो पे चल के आ रही है | कभी कभी तो तारो को जोड़ जोड़ के आप का चेहरा बना लेता हूँ , आज भी मेरा घर आप की खुसबू से महका महका रहता है |
जनता हूँ आप किसी और की धर्मपत्नी है लेकिन मेरा तो आप से एक पवित्र रिश्ता जिसको कोई नाम दे कर मैं अपवित्र नहीं करना चाहता हूँ |
आप मेरे लिए क्या है आप ये बखूबी जानती है , आप ने जो हमारी भावनाओ को जगह दी है उस के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है आप से कहने के लिए |कोशिश करता हूँ और करता रहूँगा की आप के लिए जो मेरे सीने में मोह्बत है वो आप को बता सकू लेकिन शब्दकोष कम पड़ जाता है |
बस आप से इतना कह ना चाहता हूँ आप से ही मोह्बत का सच्चा अर्थ समझा है , और मेरी जो सारी मोह्बत है वो बस आप की ही अमानत है |
आप के लिए इतनी इज्ज़त इतनी मोह्बत इतनी फ़िक्र है की, किसी और के लिए वो जगह कभी हमारे दिल में हो नहीं सकती |
आप से मोह्बत करने के लिए एक ज़िन्दगी भी कम है , मैं हर जनम में आप से ही मोह्बत करने की हसरत ले के जन्म लेता रहूँगा |

बस इतना कहना चाहूँगा आप से मोह्बत है बेंतेहा मोह्बत है